9 Tourist Places in Garhwa | गढ़वा जिला के दर्शनीय स्थल

Tourist Places in Garhwa – गढ़वा जिला झारखंड का एक प्रशासनिक जिला है, जिसका मुख्यालय गढ़वा शहर है गढ़वा जिले को 1 अप्रैल 1991 को पलामू जिले से अलग करके बनाया गया था। गढ़वा जिले की कुल क्षेत्रफल 4,044 किमी 2 (1,561 वर्गमील) है, और कुल जनसंख्या 13,22,387 है (2011 की जनगणना के अनुसार)। गढ़वा जिले की सीमाएं पूर्व में पलामू, पश्चिम में सरगुजा (छत्तीसगढ़), उत्तर में सोनभद्र (उत्तर प्रदेश), और दक्षिण में कनहर नदी (सोन) से मिलती हैं।

Table of Contents

1.अन्नराज बांध Tourist Places in Garhwa

Tourist Places in Garhwa

अन्नराज बांध गढ़वा झारखंड के गढ़वा जिले में एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह बांध कोयल नदी पर बना हुआ है और सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है। यह बांध चारों तरफ से हरे-भरे जंगलों से घिरा हुआ है और प्रकृति की सुंदरता का प्रतीक है।

अन्नराज बांध में आपको कई प्रकार की सुविधाएं मिलती हैं, जैसे कि बोटिंग, पिकनिक, मछली पकड़ना, प्राणी-पक्षी देखना, सनसेट का मनोरंजन, आदि। यहां पर आपको शांति, सुकून, और आनंद का महसूस होता है।

2.गुरु सिंधु जलप्रपात गढ़वा – Guru Sindhu Falls Garhwa Tourist Places in Garhwa

Tourist Places in Garhwa

गुरु सिंधु जलप्रपात गढ़वा, झारखंड, एक अद्वितीय स्थल है जो भारतीय प्राकृतिक सौन्दर्य का प्रतीक है। यह स्थल झारखंड राज्य के सुंदर बाघमारी जिले में स्थित है और एक प्रमुख पर्यटन स्थल है।

गुरु सिंधु जलप्रपात के नामकारण के पीछे एक पौराणिक कथा है, जिसमें यह कहा जाता है कि गुरु सिंधु, एक प्रमुख संत और महापुरुष, इस स्थल पर ध्यान और तपस्या करने आए थे। इसके बाद, यह स्थल एक पवित्र स्थल बन गया और आध्यात्मिक अर्थ में महत्वपूर्ण हो गया।

गुरु सिंधु जलप्रपात का विशेष आकर्षण उसके प्राकृतिक सौंदर्य का है, जहाँ पर्यटक निरंतर खिली खिली हरी घास के मैदानों, मनमोहक झरनों, और आपको अपने आप में खो जाने का अवसर प्राप्त करते हैं। यहाँ पर प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ आध्यात्मिक सुकून भी है, और यह यात्रीगण के लिए ध्यान और मेधावीता के लिए एक आदर्श स्थल है।

इसके अलावा, यहाँ पर आपको स्थानीय झारखंडी जीवन और संस्कृति के अद्वितीय पहलुओं का भी अनुभव करने का मौका मिलता है। जगही खाना, झारखंड की लोककला, और स्थानीय पर्वों का मनोरंजन यहाँ के यात्री के लिए आदर्श होते हैं।

गुरु सिंधु जलप्रपात गढ़वा, झारखंड, अपने आदर्श पर्यटन स्थल, प्राकृतिक सौंदर्य, और आध्यात्मिक महत्व के साथ, यह झारखंड का गर्व है और एक अद्वितीय मानव निर्मित खजाना है।

3.सुखाल्दारी जलप्रपात गढ़वा – Sukhldari Falls Garhwa

Tourist Places in Garhwa

सुखाल्दारी जलप्रपात गढ़वा झारखंड के एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यह जलप्रपात कन्हार नदी पर बना हुआ है। यह जलप्रपात बहुत सुंदर और शांतिपूर्ण है। यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य आपको मंत्रमुग्ध कर देगा।

सुखाल्दारी जलप्रपात का नाम सुखाल्दारी गांव से प्राप्त हुआ है, जो कि इसके पास ही स्थित है। सुखाल्दारी का मतलब होता है “सुख का स्रोत”। यहाँ के पर्यटकों को सुख, शांति और हरी-भरी प्रकृति का अनुभव मिलता है।

सुखाल्दारी जलप्रपात की ऊंचाई 50 मीटर है। इसके पास ही सुखाल्दारी मंदिर, सुखाल्दारी पिकनिक स्थल, सुखाल्दारी पेड़, सुखाल्दारी मेघ, सुखाल्दारी पक्षी, सुखाल्दारी मेडो, सुखाल्दारी पहाड़, सुखाल्दारी मोर, सुखाल्दारी महल, सुखाल्दारी मेघ, सुखाल्दारी मेघ, सुखा के कुछ अन्य आकर्षक स्थल हैं।

सुखाल्दारी जलप्रपात तक पहुंचने के लिए आपको करीब डेढ़ सौ सीढ़ियां उतरने पड़ती है। यह जगह कर्पूरी ठाकुर पर्यटन स्थल के नाम से जानी जाती है। 

4.शिव मंदिर राजा पहाड़ी – Shiv Mandir Raja Pahari

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राजा पहाड़ी, जो कि झारखंड राज्य में स्थित है, वहाँ के प्रमुख पर्वत श्रृंगों में से एक है। इस स्थल पर शिव मंदिर स्थित है, जिसे आमतौर पर राजा पहाड़ी शिव मंदिर के नाम से जाना जाता है।

यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और वहाँ के स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। यहाँ पर शिव रात्रि के दौरान अत्यंत भक्तों के लिए विशेष धार्मिक आयोजन भी होते हैं, जिनमें भगवान शिव की पूजा और भजन किये जाते हैं।

राजा पहाड़ी और इसके शिव मंदिर के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए, आप स्थानीय प्रशासनिक अथवा पर्यटन विभाग से संपर्क कर सकते हैं और स्थान के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

5.बंशीधर मंदिर गढ़वा – Banshidhar Temple Garhwa

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बंशीधर मंदिर गढ़वा एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है जो झारखंड राज्य के गढ़वा जिले में स्थित है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और स्थानीय लोगों के बीच धार्मिक महत्व का हिस्सा है।

बंशीधर मंदिर गढ़वा का नाम श्री बंशीधर भगवान के नाम पर है और यहाँ के श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा और भक्ति करते हैं। यहाँ पर विशेष तौर पर महाशिवरात्रि के दिन धार्मिक आयोजन आयोजित किए जाते हैं, जिनमें शिव मंदिर में पूजा के अलावा भजन-कीर्तन भी होते हैं।

यह मंदिर गढ़वा क्षेत्र के पर्वतीय भाग में स्थित है और पर्यावरण की शांति और सुंदरता का आनंद लेने के लिए भी एक अच्छा स्थल है। बंशीधर मंदिर गढ़वा झारखंड राज्य के पर्वतीय क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त कर चुका है।

बंशीधर मंदिर का इतिहास काफी रोचक है। इस मंदिर की मूर्ति का कहा जाता है कि यह 185 वर्ष पूर्व यहां से 16 किलोमीटर पश्चिम, कन्हार नदी के पार स्थित एक शिव पहाड़ी पर स्थित था, जिसे सड़क से 3 किलोमीटर दक्षिण में पहुँचा जा सकता था। यह पहाड़ी पर किसी अज्ञात राजा ने इस मूर्ति को छुपा दिया था जब मुसलमानी काल में बहुत सारी मूर्तियाँ तोड़ी गई और मंदिर नष्ट किए गए।

यह प्रतिमा 120 वर्षों तक वही छुपी रही, फिर एक दिन नगर की रानी शिवमानी कुंवर को एक सपने में दिखाई दी और वह हाथी पर चढ़कर इस प्रतिमा को लाकर एक मंदिर बनवाया। इस मंदिर में श्री बंशीधर की मूर्ति है, जिसे 32 मन की माना जाता है। यह मूर्ति अपनी कला के लिए विश्व में अद्वितीय है और भारत के लिए एक गर्व का विषय है। श्री राधा जी की मूर्ति भी वाराणसी से बनवाई गई और इस मंदिर में स्थापित की गई है। इस स्थान पर एक अद्वितीय सुंदरता वाला शंकर जी का मंदिर भी है, जिसे आप दर्शन कर सकते हैं।

6.भीम बैराज गढ़वा – Bhim Barrage Garhwa

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भीम बैराज गढ़वा जिले के आस-पास एक प्रमुख पर्यटन स्थल है जो कोयल नदी पर स्थित है। इस बैराज का दृश्य अत्यंत मनमोहक है, क्योंकि यहाँ चारों ओर शानदार पहाड़ों का आकर्षण होता है। यहाँ आकर आपको प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने का अद्भुत अवसर मिलता है।

भीम बैराज गढ़वा और पलामू जिलों को आपस में जोड़ता है और इस बैराज पर 40 बड़े पिलर होते हैं, जिन पर यह बैराज निर्मित है। इसके आसपास ही भीम चूल्हा पर्यटन स्थल भी है, जो दिन के समय आपको सुंदर सूर्यास्त का आनंद देता है।

7.सतबहिनी झरना गढ़वा – Satbahini Waterfall Garhwa

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सतबहिनी झरना, गढ़वा झारखंड का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है जो प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ प्राचीन महत्व के साथ भी जुड़ा हुआ है। यह झरना गढ़वा जिले में स्थित है और इसका नाम “सतबहिनी” उस नदी के आधारित है जिसका जल यहाँ से बहता है.

सतबहिनी झरना एक प्राकृतिक जलप्रपात है जो बारिश के मौसम में अपना असली रूप दिखाता है और पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है। यहाँ के नाना जी के मंदिर के पास स्थित है, जो कि स्थानीय धार्मिक महत्व का हिस्सा है. सतबहिनी झरना के पास ही में एक पिकनिक स्पॉट भी है, जो पर्यटकों के बीच खास लोकप्रिय है, और यहाँ पर प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया जा सकता है।

यहाँ पर के आसपास की प्राकृतिक सुंदरता और शांति का आनंद लेने के लिए एक शानदार स्थल है, और यह प्राकृतिक जलप्रपात के साथ यहाँ के पर्यटकों को मनोरंजन और आध्यात्मिक अनुभव का अद्भुत मौका प्रदान करता है।

8.पनघटवा डैम गढ़वा Tourist Places in Garhwa

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पनघटवा डैम गढ़वा झारखंड राज्य के गढ़वा जिले में स्थित है और यह एक प्रमुख जल अभियांत्रिक परियोजना है। इस डैम का मुख्य उद्देश्य नदियों से जल संचयन करना और जल संकट को कम करना है।

पनघटवा डैम का निर्माण कोयल नदी पर किया गया है और यहाँ से जल को निकालकर कृषि और जलवायु नियंत्रण के उद्देश्य के साथ निर्माण किया गया है. इसका निर्माण गढ़वा और पलामू जिलों को जोड़ने में मदद करता है और स्थानीय लोगों के लिए जल संकट का समाधान प्रदान करता है.

पनघटवा डैम का आकर्षण भी पर्यटकों के बीच में लोकप्रिय है क्योंकि यहाँ पर आप प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के साथ-साथ शांति और वन्यजीवों की खोज के लिए एक शांत स्थल पा सकते हैं।

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9.खजुरी डैम (Khajuri Dam)

Tourist Places in Garhwa

खजुरी डैम (Khajuri Dam) भारत के झारखंड राज्य में स्थित है और यह गढ़वा जिले के अंतर्गत मंझिगांव (Manjgaon) नामक स्थान पर स्थित है। यह एक बांध (dam) है जो मुख्य रूप से जल संचयन के उद्देश्य से बनाया गया है। इस डैम का निर्माण महत्वपूर्ण बिजली उत्पादन, सिंचाई, और पानी की आपूर्ति के लिए किया गया है।

खजुरी डैम के निकट एक पिकनिक स्थल भी है, जो स्थानीय लोगों और पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है। यहां आप अकेले या परिवार के साथ विश्राम करने के लिए अच्छा स्थान पाएंगे, और आप खुशहाल और शांत वातावरण का आनंद ले सकते हैं।

गढ़वा पहुंचने के लिए कुछ प्रमुख तारीख दिए गए हैं:

  • रेलवे: गढ़वा का रेलवे स्टेशन “गढ़वा रेलवे स्टेशन” है। आप अपने शहर से या किसी शहर के रेलवे स्टेशन से गढ़वा तक ट्रेन से पहुँच सकते हैं। भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या रेलवे स्टेशन पर आप ट्रेन के समय और सीट की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
  • रोड: गढ़वा रोड यात्रा के लिए भी उपयुक्त है। आप अपना पर्सनल या पब्लिक ट्रांसपोर्ट, जैसी बस या टैक्सी, का इस्तेमाल करके गढ़वा पहुंच सकते हैं। यदि आप झारखंड के किसी अन्य शहर से आ रहे हैं तो आप अपनी यात्रा के लिए गूगल मैप्स या जीपीएस का उपयोग कर सकते हैं।
  • वायुमार्ग: झारखंड में कुछ अन्य शहरों तक हवाई यात्रा के लिए रांची या पटना के आस-पास के हवाई अड्डे उपयुक्त हैं। लेकिन, गढ़वा के किसी भी बड़े हवाई अड्डा का इस्तमाल नहीं होता है, इसलिए हवाई यात्रा से सीधे गढ़वा पहुंचना मुश्किल हो सकता है।

अपनी यात्रा के लिए श्रेष्ठ तारीख के लिए आप किसी स्थान यात्र या प्रबंधक से सलाह ले सकते हैं और यात्रा के लिए सही और व्यावहारिक मार्ग का चयन कर सकते हैं।

Garhwa Map

FAQs

गढ़वा किस राज्य में स्थित है?

गढ़वा झारखंड राज्य में स्थित है।

गढ़वा का रेलवे स्टेशन किस नाम से जाना जाता है?

गढ़वा का प्रमुख रेलवे स्टेशन “गढ़वा रेलवे स्टेशन” के नाम से जाना जाता है।

गढ़वा का इतिहास क्या है?

गढ़वा एक प्राचीन शहर है और इसका इतिहास झारखंड के इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ा हुआ है। क्या शहर में ऐतिहासिक स्थल भी हैं, जिनमें गढ़वा किला और कुड़िया हिल शामिल हैं।

गढ़वा के प्रमुख पर्यटन स्थल कौन-कौन से हैं?

गढ़वा में कुछ प्रमुख पर्यटन स्थल हैं, जैसे कि गढ़वा किला, कुड़िया पहाड़ी, राजा पहाड़ी, औरंगाबाद बांध, कैमूर वन्यजीव अभयारण्य, इत्यादी।

गढ़वा में कैसे पहुंचा जा सकता है?

गढ़वा पहुंचने के लिए आप रेल, सड़क और हवाई मार्ग का उपयोग कर सकते हैं। आप किसी बड़े शहर से ट्रेन, बस, या टैक्सी का इस्तमाल करके यहां पहुंच सकते हैं।

गढ़वा के नज़दीक किस प्रकार की प्राकृतिक सौंदर्य स्थल हैं?

गढ़वा के नज़दीक पर्यटन विभाग द्वारा प्रकाशित प्राकृतिक सौंदर्य स्थल हैं, जिनमें पहाड़ और झीलों के आस-पास के कई खूबसूरत स्थल शामिल हैं।

गढ़वा का मौसम कैसा होता है?

गढ़वा का मौसम स्वाभाविक रूप से छोटा सा वर्षा ऋतु और सर्दियों में ठंडा मौसम होता है। गर्मीयों में तपमान अधिक होता है।


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